अगर आप है एक डॉक्टर तो यह खबर आपके बहुत ही ज़्यादा काम की हो सकती है जरूर पड़े।

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जी हां दोस्तों अगर आप हैं एक डॉक्टर तो यह खबर आपके बहुत ही ज़्यादा काम की हो सकती है। क्योंकि डॉक्टरो के खिलाफ हो रही हो रही हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के द्वारा अब एक्शन लेते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस जारी नोटिफिकेशन में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कहा गया है कि रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) उन मैरिजो या उनके रिश्तेदारों का इलाज करने से अब मना कर सकते हैं।जो उनके साथ गाली गलौच, मारपीट, वह अन्य तरह की हिंसा करने पर उतर जाते हैं। उनके इलाज के लिए अब डॉक्टर साफ मना कर सकते हैं।

डॉक्टर
                      Image Source : Pexels

रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP) को जारी नोटिफिकेशन में यह भी साफ साफ कह दिया गया है कि मरीजों के द्वारा अभद्र आचरण के खिलाफ अब डॉक्टर नेशनल मेडिकल कमिशन में अब अपनी शिकायत कर सकते हैं। ताकि मरीज को इलाज के लिए किसी और जगह रेफर कर दिया जाए। यह नियम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के मेडिकल एथिक्स कोड 2002 की जगह पर होगा। यह भारत देश में पहली बार होगा जब Doctor को ऐसे मरीजों के इलाज करने से मना करने का अधिकार मिल जाएगा।

डॉक्टर मरीजों को परामर्श शुल्क के बारे में बता सकते हैं :

रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (आरएमपी) की जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इमरजेंसी कैस के अलावा डॉक्टर यह तय करने के लिए आजाद हैं कि वह किस मरीज का इलाज करें और किसका नहीं करे। (आरएमपी) कि मरीजों के लिए जवाबदेही है। साथ ही उनका उल्लंघन करने से बचना चाहिए।

मरीजों से संबंधित हर बात को डॉक्टरों द्वारा उनके परिजनों और रिश्तेदारों के साथ भी सांझा कर देनी चाहिए। बिना किसी ठोस कारण से मरीज़ देखने से मना नहीं करना चाहिए। डॉक्टर को मैरिज के इलाज से करने से पहले परामर्श शुल्क के बारे में भी बताना होगा। अगर किसी मरीज का ऑपरेशन करना है तो इस में आने वाला खर्चा भी मरीज को पहले से ही बताना होगा।

डॉक्टरों को दवा कंपनियों के द्वारा उपहार लेने से मना करना होगा :

इस जारी नोटिफिकेशन में साफ तौर पर कहा गया है कि Doctor और उनके परिवार किसी भी फार्मास्यूटिकल कंपनी से किसी भी तरह का कोई उपहार, यात्रा की सुविधाएं, परामर्श शुल्क, और या कोई मनोरंजन सुविधा लेने से साफ मना करना होगा। (आरएमपी) को फार्मास्यूटिकल कंपनीयो या उससे संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं के सेमिनार, कार्यशाला, संगोष्ठी, और सम्मेलन आदि से दूर रहना होगा।

डॉक्टरों के साथ हिंसा से जुड़ी यह खबर जो आपका पढ़ना बहुत जरूरी है :

केरल के कोल्लम शहर में मेडिकल करवाने के लिए लाए गए आरोपी ने हाउस सर्जन डॉक्टर वंदना दास की हत्या को अंजाम दे दिया था। जिसे केरल हाई कोर्ट के द्वारा खुद ही स्पेशल सिटिंग के दौरान मामला सुना था और कहा था कि डॉकटर्स की सेफ्टी नहीं कर सकते तो हॉस्पिटलस को बंद कर देना चाहिए। केरल हाई कोर्ट ने केरल की राज्य सरकार और केरल की पुलिस की बहुत ही ज्यादा निंदा की थी।

यह मामला इसी वर्ष 2023 का है जब 11 मई 2023 को केरल के कोल्लम शहर में मेडिकल करवाने के लिए लाए गए आरोपी ने हाउस सर्जन Doctor वंदना दास को मौत के घाट उतार दिया था। कोट्टारककारा पुलिस आरोपी संदीप को एक तालुक अस्पताल में पैर में लगी चोट की ड्रेसिंग कराने के लिए पहुंची थी। तभी उस आरोपी संदीप ने हाउस सर्जन डॉक्टर वंदना दास पर टेबल पर पड़ी हुई कैंची और चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया जिससे हाउस सर्जन डॉक्टर वंदना दास बुरी तरह जख्मी और घायल हो चुकी थी। आरोपी संदीप ने उन पर करीब छह से सात वार किए थे। कुछ दिनों के इलाज के बाद हाउस सर्जन डॉक्टर वंदना दास की मौत हो गई थी।

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