अफ्रीका महाद्वीप पर आ रहा है एक बड़ा खतरा | A big danger is coming on the continent of Africa !

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अफ्रीका महाद्वीप पर आ रहा है एक बड़ा खतरा |

A big danger is coming on the continent of Africa !

अफ्रीका महाद्वी पर एक और खतरा आ सकता है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप अफ्रीका महाद्वीप दो हिस्सों मे बट सकता है। और इस चीज की शुरुआत होने लग गई है। क्योंकि ऐसा कहीं रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है। और ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि रेड सी मोजांबिक के बीच कि पूर्वी अफ्रीकी दरार जो की 3500 किलोमीटर लंबी है और वो फैलती ही जा रही है।

अफ्रीका महाद्वीप
Image Source : Wikipedia

दुनिया के बहुत से साइंटिस्ट बहुत साल पहले अफ्रीका महाद्वीप के बहुत से हिस्से ओर बहुत बड़े हिस्से टूटने की भविष्यवाणी पहले ही कर चुके हैं।अब सबसे बड़ा सवाल हम सब और आपके मन में यह उठता है कि क्या वाकई में अफ्रीका महादीप दो हिस्सों बट सकता है। इस चीज के बारे में अधिक जानने के लिए हमको ओर आपको टेक्टोनिक प्लेट्स धरती की बाहरी सतह के बारे में जानकारी लेनी होंगी।

टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने की वजह ही है पूर्वी अफ्रीका महाद्वीप की दरार बढ़ने का कारण टेक्टोनिक प्लेट्स के आसपास में टकराने की वजह ही है पूर्वी अफ्रीका महाद्वीप की दरार बढ़ने का सबसे बड़ा कारण। इसके कारण को समझने के लिए हमें धरती के डिजाइन को समझना होगा। गौरतलब है कि धरती का लिथोस्फीयर जिसे क्रस्ट और मेटल का ऊपरी हिस्सा कहते है वो कई टेक्टोनिक प्लेटों में बटा होता है। इन प्लेटो की स्पीड अलग-अलग आगे बढ़ते हुए होती है। लिथोस्फीयर के नीचे एस्थेनोंस्फीयर स्थित होता है। और यह प्लेटे एस्थेनोंस्फीयर के ऊपर की ओर सरकती रहती हैं। एस्थेनोंस्फीयर के सरकने और प्लेटो के बाउंड्री से पैदा हुए फोर्स इसे डायनामिक रूप देते हैं।एस्थेनोंस्फीयर के सरकने से पैदा हुए डायनेमिक फोर्स टेक्टोनिक प्लेट्स को कभी कभी तोड़ देते है। इसी वजह से धरती में दरार पैदा हो जाती है।

आप और हम इसे आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं। हमारी धरती बड़ी बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। धरती की टेक्टोनिक प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ लावा है। धरती की टेकटॉनिक प्लेटस लगातार तैरती रहती है और कई बार यह आपस में टकरा जाती है। कई बार टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने की वजह से इन प्लेटो के कोने मुड़ जाते हैं। और बहुत ज्यादा दबाव पढ़ने पर टेक्टोनिक प्लेट्स टूट जाती है जिससे कि धरती में दरार आ जाती है। धरती में आई दरार के कारण ही पूर्वी अफ्रीकी महाद्वीप के दो टुकड़े हो जाएंगे।

धरती में आई दरार के कारण ही पूर्वी अफ्रीकी महाद्वीप दो भागों में बट जाएगा। इसकी वजह पूर्वी अफ्रीकी दरार (ईस्ट अफ्रीकन रीफ्ट) होगी। जो अफ्रीकी धरातल की प्लेटो को दो असमान भागों में बांट देगी। जब लिथोस्फीयर होरिजेंटल एकपेंडिग फोर्स(क्षितिज विस्तरिक बल) के नीचे स्थित होता है तो यह फेल कर पतली हो जाती है। जिसका नाम भूगर्भीय भाषा में ( रिफ्ट ) है।रिफ्ट होने के कारण अंत में यह हिस्सा टूट जाएगा।

रीफ्ट्स ही किसी भी महाद्वीप के टूटने का पहला प्रोसेस होता है। अगर आने वाले समय में ऐसा होता है तो नए महासागर में बेसिन बन सकता है। इस घटना के होने से पहले दक्षिणी अटलांटिक महासागर के साथ भी ऐसा हो चुका है।

धरती में आई दरार के कारण समुद्र का पानी इसमें भरने लग जाएगा। सोमालियन और नुबियन टेक्टोनिक प्लेट्स पर पूर्वी अफ्रीकी ( अफ्रीका महाद्वीप ) दरार बढ़ने का असर होगा। इथोपिया के अफार इलाके में ये दोनों प्लेट्स मिलती है। जिसकी वजह से ( Y )आकार का रीफ्ट बनता है।अफार (इथोपिया) के कुछ इलाको का हिस्सा समुद्र तल से नीचे है। इसको एक 20 मीटर चौड़ी जमीनी पट्टी अलग करती है।

जैसे जैसे धरती में आईं ये दरार बढ़ती जाएगी वैसे वैसे समुंदर का पानी इस में भरता जाएगा। इस वजह से हमारी धरती पर एक नया समुद्र बन जाएगा। जो कि सोमालियाई प्लेट को दूर धकेल देगा। इस वजह से सोमालियाई और साउथ इथोपिया एक दूसरे से अलग हो जाएंगे। और फिर अफ्रीका महाद्वीप बहुत छोटा हो जाएगा। आने वाले समय में होने वाली घटनाओं में यह घटना बहुत ही बड़ी है। साइंटिस्ट और खोजकर्ताओ की अफ्रीका महाद्वीप पर होने वाली इस घटना के बारे में जांच-पड़ताल जारी है।


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1 अफ्रीका महाद्वीप पर आ रहा है एक बड़ा खतरा |
1.1 A big danger is coming on the continent of Africa !
1.1.1 अफ्रीका महाद्वी पर एक और खतरा आ सकता है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप अफ्रीका महाद्वीप दो हिस्सों मे बट सकता है। और इस चीज की शुरुआत होने लग गई है। क्योंकि ऐसा कहीं रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है। और ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि रेड सी मोजांबिक के बीच कि पूर्वी अफ्रीकी दरार जो की 3500 किलोमीटर लंबी है और वो फैलती ही जा रही है।
1.1.1.2 टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने की वजह ही है पूर्वी अफ्रीका महाद्वीप की दरार बढ़ने का कारण टेक्टोनिक प्लेट्स के आसपास में टकराने की वजह ही है पूर्वी अफ्रीका महाद्वीप की दरार बढ़ने का सबसे बड़ा कारण। इसके कारण को समझने के लिए हमें धरती के डिजाइन को समझना होगा। गौरतलब है कि धरती का लिथोस्फीयर जिसे क्रस्ट और मेटल का ऊपरी हिस्सा कहते है वो कई टेक्टोनिक प्लेटों में बटा होता है। इन प्लेटो की स्पीड अलग-अलग आगे बढ़ते हुए होती है। लिथोस्फीयर के नीचे एस्थेनोंस्फीयर स्थित होता है। और यह प्लेटे एस्थेनोंस्फीयर के ऊपर की ओर सरकती रहती हैं। एस्थेनोंस्फीयर के सरकने और प्लेटो के बाउंड्री से पैदा हुए फोर्स इसे डायनामिक रूप देते हैं।एस्थेनोंस्फीयर के सरकने से पैदा हुए डायनेमिक फोर्स टेक्टोनिक प्लेट्स को कभी कभी तोड़ देते है। इसी वजह से धरती में दरार पैदा हो जाती है।

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