कान से निकल रहा है पानी, हो रहा है दर्द? | Water coming out of the ear is causing pain?

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कान से निकल रहा है पानी, हो रहा है दर्द? | Water coming out of the ear is causing pain?

जी हां दोस्तों यह खबर आपके लिए बहुत ही काम की होने वाली है।अगर आपके कान से निकल रहा है पानी और हो रहा है दर्द तो मेरे दोस्तों इसको बिल्कुल भी नजरअंदाज ना कीजिए। हो सकता है कि आपके कान के परदे में छेद होने के कारण ऐसा हो रहा हो।या इसकी कई और भी वजह भी हो सकती है। जैसे कि आजकल आई फ्लू के बढ़ने के बाद अब कान में इन्फेक्शन की प्रॉब्लम बढ़ती जा रही है। ऐसा होने के पीछे क्या मुख्य कारण है। इसको जानने के लिए हमने (ENT) स्पेशलिस्ट डॉक्टर से इस बारे में बात की है।

कान
       Image Source: Wallpaper Flare

(ENT) स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने बताया है कि हर उम्र के लोगों में कान में इन्फेक्शन, और कान में पस होने,और कान बहने, की समस्या के पेशेंट उनके पास हर रोज आजकल ज्यादा मात्रा में आ रहे हैं। इन दिनों कान के अंदर हो रही किसी भी प्रकार की समस्या को इग्नोर करने से आपके कान के परदे में छेद भी हो सकता है और आपके पर्दे को नुकसान भी बहुत ज्यादा हो सकता है।

ऐसे में हमने आज डॉ एस बी अग्रवाल, जयपुर में ईएनटी स्पेशलिस्ट, और डॉक्टर कल्पना शर्मा, ईएनटी स्पेशलिस्ट जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में कार्यरत के द्वारा समझते हैं। कि मानसून के इस मौसम में कान के इन्फेक्शनऔर कान की प्रॉब्लम के मामले इतनी ज्यादा क्यों बढ़ रहे हैं।

पहला सवाल: कान में फंगल इन्फेक्शन की वजह और क्यों होता है? What else causes fungal infection in the ear?

इसका जवाब: कान में फंगल इन्फेक्शन होने की परेशानी को (Auto micosis) कहते है इसमें (Auto) मतलब कान ओर (micosis) का मतलब इंफेक्शन होता है।

मानसून में ह्यूमिड क्लाइमेट होता है। गरम और ह्यूमिड क्लाइमेट होने के कारण फंगस के ग्रो करने के चांसेज़ बहुत ज्यादा होते हैं। नमी के कारण यह इंफेक्शन हो जाता है।

इसके अलावा कहीं वजह यह भी है जिसकी वजह से कान में किसी प्रकार का फंगल इंफेक्शन होने का रिस्क और भी ज्यादा बढ़ जाता है उदाहरण के तौर पर यह निमन चीज है जो कान में इंफेक्शन होने का कारण बन सकती है :

  •  बे वजह इयर ड्रॉप का इस्तेमाल, बे वजह एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल, स्टेरॉइड का ज़्यादा इस्तेमाल।
  •  इम्यूनिटी बहुत वीक होने की वजह से भी हो सकता हैं।
  • गर्म और नमी वाले वातावरण की वजह से भी सकता है।
  • कान में किसी भी प्रकार की चोट लगने से भी हो सकता है।
  •  कॉर्निक बीमारियों की वजह से जैसे कि एग्जिमा की वजह से भी हो सकता है।
  •  पानी में ज्यादा देर तक स्विमिंग या सर्फिंग करने से भी हो सकता है।
  • किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल किए हुए इयर बड्स को इस्तेमाल करने से भी हो सकता है।

दुसरा सवाल: क्या सिर्फ बरसात के मौसम में ही कान में संक्रमण का खतरा रहता है? Is there a risk of ear infection only in the rainy season?

इसका जवाब: मानसून के मौसम के अलावा भी यह संक्रमण कभी भी हो सकता हैं। जैसे की कई बार नहाते टाइम कान में पानी का चले जाना और पानी का बाहर ना निकलना। जल्दी-जल्दी की वजह से हम इस पर ध्यान नहीं है और इससे भी संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

तीसरा सवाल: कान में फंगल संक्रमण के होने पर व्यक्ति को कैसा लगता है और इसके लक्षण क्या क्या हो सकते है?  How does a person feel and what are the symptoms of a fungal infection in the ear?

इसका जवाब: इसमें कान के आसपास के एरिया में दर्द, सूजन, ड्राइनेस ,और गंदे पानी जैसा कान में से स्राव होता है। और इसके अलावा भी कई और परेशानियां हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर इसे ऐसे समझ सकते हैं।

*कान में फंगल इन्फेक्शन के यह 9 लक्षण बिल्कुल भी ना करें नजरअंदाज :

1. कान में दर्द होना खास करके लेटने पर।
2. कान में हमेशा खिंचाव जैसा महसूस होते रहना।
3. नींद आने में परेशानियां होना।
4. तेज बुखार का हो जाना।
5. कान से गंदे पानी के जैसा लिक्विड का निकालते रहना।
6. थोड़ी थोड़ी देर में सर दर्द का उठाना।
7. कान में हमेशा सीटी के जैसी आवाज का सुनाई देना।
8. कान से कम सुनाई देना।
9. कान से सुनने में परेशानी होना और चिड़चिड़ापन रहना।

चोथा सवाल: अगर किसी के कान में यह सब लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टर के पास दिखाने के लिए जाने के लिए कब जरूरत पड़ेगी? If all these symptoms are visible in someone’s ear, then when will there be a need to go to the doctor to see?

इसका जवाब: कान में किसी भी प्रकार के फंगल इन्फेक्शन या संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखाई दे रहा है तो बिना समय बर्बाद किए तुरंत प्रभाव से स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाने जाए।

*इसमें डायबिटिक मरीज को ज्यादा सावधान रहने की बहुत जरूरत होती है।

पांचवा सवाल: किन पेशेंटस में कान में फंगल इन्फेक्शन या संक्रमण होने का सबसे ज्यादा चांसेस होते हैं? Which patients have the highest chances of getting a fungal infection in the ear?

इसका जवाब: इन बीमारियों वाले पेशेंटस को कान में फंगल इंफेक्शन या संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है:
1. डायबीटिक पेशेंटस।
2. एग्जिमा वाले पेशेंटस।
3. कैंसर के पेशेंटस।
4. ऐड्स के पेशेंटस।
5. टिबी के पेशेंटस।
इन सब के अलावा वो पेशेंटस जिसका हाल ही में किसी ऑर्गन का ट्रांसप्लांट किया गया हो। या वह पेशेंटस जो कीमोथेरेपी और रेडियो थेरेपी ले रहे हो। इन सब तरह के पेशेंट में कान में फंगल इन्फेक्शन या संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

छठा सवाल: क्या फंगल संक्रमण कान के पर्दे तक फैल सकता है? Can a fungal infection spread to the eardrum?

इसका जवाब: हां, अगर कान में हुए फंगल संक्रमण को उसके शुरुआती दौर में ही कंट्रोल में नहीं लिया गया तो यह इयर कैनल से आगे होते हुए कान के पर्दे तक पहुंच जाता है। और यह कान के परदे में छेद भी कर सकता है जिससे कि कान में सुनने की शक्ति कम हो जाती है। जिसे कंडक्टिव हियरिंग लॉस भी कहते हैं।

सातवा सवाल: कान में फंगल संक्रमण से बचने के लिए क्या किया जाए? What to do to avoid fungal infection in the ear?

इसका जवाब: कान में फंगल संक्रमण से बचने के लिए इसे निम्न उदाहरण द्वारा समझा जा सकता है:

1. कान में पानी ना जाने दे अगर कान में पानी चला गया है तो उसे साफ करें और कान को सुखाय इस बात का ध्यान तैरते समय और नहाते समय खास तौर पर रखना चाहिए।
2. कान को किसी भी चीज से खरोचने से परहेज करें जिससे कि कान में फंगस के आसानी से अटकने का खतरा कम हो सके।
3. कानों में से कभी भी पूरी तरह ईयर वैक्स को ना निकाले। हमारे कान में मौजूद इयर वैक्स में एंटी फंगल तत्व मौजूद होते हैं।
4. कानों में रुई वाले इयरबड्स डालने से परहेज करें।
5. कानों में लगाने वाले म्यूजिक सुनने के लिए इस्तेमाल होने वाले इयरबड्स की नियमित रूप से सफाई करते रहें।

आठवां सवाल: कान में पानी चले जाने पर तुरंत क्या किया जा सकता है? What can be done immediately if there is water in the ear?

इसका जवाब: कान को तुरंत किसी साफ और सूती सूखे कपड़े से साफ करें। इसके लिए आप कॉटन के टॉवल या कोटन के रुमाल को उंगली में पकड़ कर इससे कान साफ कर सकते हैं। कानों को हमेशा ड्राई और साफ सुथरा रखें।

नोवा और आखरी सवाल: बहुत से लोग कान को साफ करने के लिए,कान में दर्द होने पर या खुजली होने पर या उसमें किसी प्रकार की सूजन होने पर खुद ही अपना इलाज करने लग जाते हैं और कुछ भी घरेलू उपाय या दवाई कानों में डाल लेते हैं क्या ऐसा करना सही है? Many people start treating themselves to clean the ear, if there is pain or itching in the ear or if there is any kind of swelling in it, and put some home remedies or medicines in the ear, is it right to do so?

इसका जवाब: नहीं यह बिल्कुल गलत तरीका है। मानसून के मौसम में तो गलती से भी बिल्कुल कानों में तेल और किसी भी तरह की कोई दवाई या कोई घरेलू नुस्खा नहीं डालना चाहिए। इससे फंगल इन्फेक्शन के होने का खतरा कम होने की बजाय और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इन सब चीजों से हमें बचना चाहिए। और कान में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी या दिक्कत हो तो तुरंत प्रभाव से हमे किसी (ईएनटी) स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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