खबरदार! राजस्थान और गुजरात पर फिर मंडराने लगा है बहुत बड़े हमले का खतरा !

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राजस्थान और गुजरात पर फिर मंडराने लगा है बहुत बड़े हमले का खतरा !

 

जी हां दोस्तों खबरदार और होशियार हो जाइए राजस्थान और  गुजरात पर फिर मंडराने लगा है बहुत बड़े हमले का खतरा, दोस्तों हम यहां 2 साल पहले हुए टिड्डी हमले की बात कर रहे हैं। जो टिड्डी हमला पूरे दो साल बाद वापस 2023 में लौट कर आने की तैयारी में है। रेगिस्तान में एक बार फिर टिड्डी हमला होने का खतरा मंडराने लग गया है। 1 जुलाई 2023 से 15 जुलाई 2023 तक हुए सर्वे में यह पता लगा है कि बीकानेर जिले के सुरधना इलाके में टिड्डी एक्टिविटी देखने को मिली है। टिड्डी विभाग ने परिस्थितियों को मद्देनजर राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। टिड्डी विभाग के अध्यक्ष डॉ वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि वह भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे 10 इलाकों का टिड्डी सर्वे महीने में दो बार करवाते रहते हैं। इन इलाकों में गुजरात के कई इलाके भी आते हैं।

राजस्थान और गुजरात

टिड्डी विभाग द्वारा 10 जिलों के 155 इलाकों में सर्वे किया गया है इस सर्वे में टिड्डी की एक्टिविटी देखने को मिली है। राजस्थान और गुजरात के भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे इलाकों में नियमित रूप से महीने में दो बार सर्वे कराया जाता है। इस बार भी सर्वे कराने के दौरान करीब 10 जिलों के 55 इलाकों में टिड्डियों के स्पोट देखे गए हैं। इनमें जैसलमेर, बाड़मेर, सम, जालौर, फ्लोदी, बीकानेर, सूरतगढ़, चूरु, नागौर, जोधपुर, और गुजरात, के पालमपुर, और भुज, के इलाके शामिल हैं।

रेगिस्तान में ज्यादा बरसात होने से बड़ा है टिड्डी का खतरा
टिड्डी विभाग के डॉ वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि राजस्थानी इलाकों में बारिश के महीने जून जुलाई के बाद से ही टिड्डी का खतरा बढ़ जाता है। रेगिस्तान में हमेशा टिड्डियां पाकिस्तान की तरफ से आती रही हैं। इस वर्ष 2023 में टिड्डी कहीं भी नजर नहीं आने से बहुत बड़ी राहत है। लेकिन सर्वे ने जरूर परेशान करने वाली जानकारी दी है। इस बार पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, समेत कई इलाकों में जमकर बारिश हुई है। ऐसे में यहां के इलाकों में हरियाली बढ़ गई है और जमीन में नमी भी बढ़ गई है। इन सब के चलते टिड्डीयो के पनपने के लिए परिस्थितियां बहुत ही अनुकूल बन चुकी हैं।

पिछली बार 2019 और 2020 में पाकिस्तान से आई टिड्डीयो के दल ने राजस्थान और गुजरात में तबाही मचाई थी। टिड्डी के दाल ने राजस्थान और गुजरात के किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया था। उस टाइम टिड्डी विभाग की तरफ से किसानों के लिए फसलों पर करीब 6000 हैक्टयर मैं टिड्डी निरोधक स्प्रे किया गया था। इसके साथ ही कई किसानों ने अपनी फसलों को टिड्डी दल से बचाने के लिए और उन्हें अपने खेतों से दूर भगाने के लिए धुआ करने के साथ-साथ डीजे और थाली भी बजाई थी। इस प्रक्रिया से टिड्डी दल किसानों की फसलों से और खेतों से दूर भाग गए थे। टिड्डी दल से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों की फसलों और खेतों को होता है।

टिड्डी दल से बचने के उपाय कुछ इस प्रकार हैं:

1. टिड्डी दल से बचने के लिए हम खेतों और फसलों पर टिड्डी निरोधक स्प्रे कर सकते हैं।
2. टिड्डी दल से बचने के लिए हम खेतों और फसलों के आसपास फांस और घास जलाकर धूआ कर सकते हैं। जिससे कि टिड्डी दल भाग जाएंगी या मर जाएंगी।
3. टिड्डी दल से बचने के लिए हम खेतों और फसलों के आसपास तेज आवाज में डीजे और थाली बजा सकते है जिससे टिड्डी दल भाग जाएगा।
4. टिड्डी दल से निबटने के लिए हम टिड्डियों का शिकार करने वाले पक्षियों का भी सहारा ले सकते हैं।
इस तरह हम टिड्डी दल से छुटकारा पा सकते हैं।


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